Fresh, Unheard Music
Not on the Internet
Watermarked Previews
Random
Latest
इक हक़ीक़त हूँ अगर इज़हार हो जाऊँगा मैं
जिस तरफ़ जाओगे इक शोर सुनाई देगा
नज़र नज़र से मिली दिल पुकार उठा कि नहीं
बनाए कितने फ़साने मेरे फ़साने से
तेरी तस्वीर को धुँदला नहीं होने देंगे
ग़मों से रिश्ता है अपना भी दोस्ती की तरह
सुन के मेरे इश्क़ की रूदाद को
आज फिर रूह में इक बर्क़ सी लहराती है
अपने हाल-ए-दिल पे ख़ुद ही मुस्कुरा सकता हूँ मैं
←
Previous Page
Next Page
→