Fresh, Unheard Music
Not on the Internet
Watermarked Previews
Random
Latest
दश्त की तेज़ हवाओं में बिखर जाओगे क्या
जाने वो कौन था और किस को सदा देता था
अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जाएगा
कभी होने से कभी दुख के न होने से हुआ
जाने क्या सोच के उस ने सितम ईजाद किया
ग़म का इज़हार भी करने नहीं देती दुनिया
जी भी कुछ ऐसा जलाया है कि जी ही जानता है
हमेशा तंग रहा मुझ पे ज़िंदगी का लिबास
कोई आने वाला नहीं इंतज़ार फिर भी करते हैं
Next Page
→