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We Are The Dreamers
कैसे कहें कि याद-ए-यार रात जा चुकी बहुत
आहें मुँह से मेरे निकलने दो
अगर यक़ीं नहीं आता तो आज़माए मुझे
जो शख़्स तुझ को फ़रिश्ता दिखाई देता है
शहर-ए-ग़ज़ल में धूल उड़ेगी फ़न बंजर हो जाएगा
जब से क़रीब हो के चले ज़िंदगी से हम
जब इश्क तुम्हें हो जाएगा
लम्हा वो तेरी याद का ऐसे गुज़र गया
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